4500 करोड़ की है कुंभ में डुबकी लगाने की योजना

कुंभ में डुबकी लगाने की योजना

कुंभ 2021 में 4500 करोड़ रुपये की डुबकी लगाने की योजना है। मेला प्रशासन ने योजना का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस प्रस्ताव के हिसाब से ही राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से कुंभ बजट की मांग की है।

4500 करोड़ की कार्ययोजना के सापेक्ष मेला प्रशासन विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रथम वरीयता के 250 करोड़ रुपये लागत की स्थायी कार्यों की योजना शासन को भेज चुका है। इसमें से तकनीकी छानबीन करने के बाद शासन 121 करोड़ रुपये लागत के कार्यों को हरी झंडी दे चुका है। इसमें से भी मेला प्रशासन अब तक 21.36 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त संबंधित विभागों को अवमुक्त करा चुुका है। स्वीकृत 121 करोड़ के कार्यों में कुल सात बड़े स्थायी काम हैं। कुंभ मेला प्रशासन कुंभ 2021 के भव्य आयोजन करने में जुटा है। कोशिश है कि हरिद्वार कुंभ में प्रयाग कुंभ से बेहतर व्यवस्थाएं हों।

इन सात स्थायी कार्यों का हुआ जीओ

शासन ने कुंभ मेला प्रशासन से जिन 121 करोड़ के सात स्थायी कार्यों का जीओ जारी किया है। उनमें प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के कनखल को बैरागी कैंप से जोड़ने के लिए बनने वाले चार डबल लेन पुल है। इसकी निर्माण लागत लगभग 40 करोड़ है। पुलों की डीपीआर और निविदा कराने के लिए 52 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।

शासन ने सिंचाई विभाग के 81.80 करोड़ लागत के तीन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर जीओ जारी कर दिया है। सिंचाई खंड रुड़की को कांवड़ पटरी के चौड़ीकरण की 46 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम चरण में 18 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है और 7 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जारी की है। सिंचाई खंड हरिद्वार की सिडकुल धनौरी डबल लेन मार्ग की लगभग 23 करोड़ रुपये की योजना का जीओ जारी हुआ है और 8.84 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त अवमुक्त की गई है। सिंचाई विभाग को तीसरी स्वीकृति योजना मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित है। मुनिकीरेती क्षेत्र में गंगा के किनारे मरीन ड्राइव बनाया जाना है। 12.80 करोड़ की स्वीकृत इस योजना का कार्य सिंचाई खंड ऋषिकेश द्वारा किया जाना है। स्वीकृत योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के 5 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए है

कुंभ के लिए 4500 करोड़ की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। अभी तक 250 करोड़ के स्थायी कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने सभी प्रस्तावों को अंतिम रूप देने में तेजी लाएं। मेलाधिष्ठान सभी स्वीकृत स्थायी प्रकृति के कार्य पूर्ण करने की डेड लाइन 31 अक्तूबर रखी है।

दीपक रावत कुंभ मेलाधिकारी

Courtesy By Amar Ujala, Dated on 5th Sep 2019

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